अब बारिशों के संग रहना है
हमें बूँद- बूँद में बहना है!
ये दिल जो कह न सका
सिर्फ़ वही, तुम से कहना है!
बूँद बूँद को सहेजना है
दिल से निकली दुआ को
इन्ही बारिशों के हवाले
तुम्हारे पते पर भेजना है
इन हवाओं की आवारगी में
तुम्हारे चेहरे पर ज़ुल्फ़ें देखना है
अदब लिहाज़ कुछ भी नही
बस देखना है, बस देखना है
बूँद बूँद को सहेजना है
दिल से निकली दुआ को
इन्ही बारिशों के हवाले
तुम्हारे पते पर भेजना है
थोड़ा सा बादलों के
किरदार को भी छेड़ना है
बारिशों ने भिगोया बहुत है
हमें भी इन्हें नही छोड़ना है।

4 Comments
Beautiful line
ReplyDeleteThanks🙏🙏🙏
ReplyDeleteVery nice lines 👍
ReplyDeleteThanks🙏🙏🙏
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