ये दिन भी बीतेंगे, हम जीतते थे, हम जीतेंगे
ये दौर बीतेगा, नया दौर होगा, नया सीखेंगे!
हालात विषम हैं और मुश्किलें भी हज़ार होंगी
सौ बार गिरेंगे मगर कोशिश करेंगे, हम संभलेंगे
ये जो वीरानियों के मंज़र नज़र आ रहें हैं अभी
ये दिन गुज़रेंगे, गुलशन एक बार फिर सवरेंगे!
जब तक अंधेरों की मानिंद छाया रहेगा कुहासा
हज़ार दीपक जलते आयें हैं, हज़ार और जलेंगे
इस दौर में क्या - क्या नही देखा है, हम सबने
इसी उम्मीद पर जिये हैं कि सूरज नया देखेंगे!

1 Comments
Osm lines 👍
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