ओये तुमने मुझे कभी सताया भी नही
हमने पूँछा नही, तुमने बताया भी नही
मेरा कुछ रह गया था तुम्हारे हाथ में
मैंने माँगा नही, तुमने लौटाया भी नही
तेरी पसंद, नापसंद से वाकिफ़ नही हूँ
तुमने कहा नही, मैं कुछ लाया भी नही
तुम्हें लगता है कि बदल गया हूँ मैं अब
दूर हूँ जितना, उतना मैं पराया भी नही!
तुम्हारा हर राज़ अभी तक राज रखा है
किसी ने पूँछा हमसे तो बताया भी नही
तेरे ख्यालों में दूर तक निकल गया हूँ मैं
बोल देता हूँ, आता हूँ, आया भी नही हूँ

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