बादलों की ओट लेकर छुप जाता है चाँद
जब छत पर आती हो तो उग आता है चाँद!
और जब तुम्हीं नजरें चुराओगी मेरी जाना
फ़िर कैसे कह दूँ कि नज़र आता है चाँद!
किस के ख़्याल में खो जाती हो, बोलो तुम
तुम्हें उदास देखकर फ़िर रुक जाता है चाँद!
कभी इशारों में बात करके देखना तुम भी
अपने हमशक्ल से मिलने भी आता है चाँद!
चाँद में दाग़ ढूंढते फिरते हैं हज़ारों शख्स
फ़िर भी हैरत नही उसे, मुस्कुराता है चाँद!
सब मशरूफ़ हैं अपनी अपनी ज़िन्दगानी में
देखते हैं अबकी बरस कैसा नज़र आता है चाँद!
2 Comments
Nice bhaiya 👏👏
ReplyDeleteThanks🙏🙏🙏
Delete