तुम्हारी इन शरबती आँखों, का राज़ क्या है
मैं पूछता हूँ, कल क्या था और आज क्या है?
तुम्हें देखने वाला, तुम्हें देखता रहता है, क्यों
अगर पता है तो बताओ इनका इलाज़ क्या है?
बात करने का हौसला नही, अंजाम से डरता हूँ
झुकी निगाहों से मैं पूछता हूं कि आगाज़ क्या है?
उनके एक इशारे पर, हवायें रुख़ बदल लेती हैं
मालूम करो कि उनके शहर का मिज़ाज़ क्या है?
बाज़ार जाते वक्त, सिर पर उनके होता है दुपट्टा
ज़रा मालूम करो, उनके शहर का रिवाज़ क्या है?

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