लोग कुछ तो कहते होंगे....

 





हम तुम्हारे वादे पर, ऐतबार किये बैठे हैं

तुमने सुना ही होगा, लोग कुछ तो कहते होंगे


फकीरों सा आलम है, हमारा भी न हाल पूछों

अमीरों से नाता नही, वो कहीं और रहते होंगे


एक शख्स धूप में खड़ा है, बहुत देर से 'तृषि'

अजीब ये कि कैसे- कैसे लोग शहर में रहते होंगे


जिसके एक इशारे पर, तूफ़ान उमड़ पड़ता है

समुन्दर भी उसकी ख़ामोशी सीने पर सहते होंगे


कुछ धीरे- धीरे आज़मा रहें हैं, अपने हुनर को

कुछ हाथ ऐसे भी हैं जो कमाल किये बैठे होंगे.

                                              ✍️Trishi









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