ख़्वाबों के शहर



ख़्वाबों के शहर में,
ख्यालों के चौराहों पर न जाने,
कितने अजनबियों से मुलाकात हुई होगी.
किसी से बात, किसी से  बिना बात के ही,
कोई बात हुई होगी.
एक आप हैं और आपकी मुलाकात,
आप से रिश्तें की जरूर तारीख तय रही होगी.
ख़्वाबों के शहर में,
ख्यालों के चौराहों पर न जाने,
कितने अजनबियों से मुलाकात हुई होगी.
चाहकर भी हम आपको भूल न सकेंगे,
तुम्हारे यादों के सिवा किसी कि यादों को मंजूर न करेंगे.
मैंने माना कि,
किसी एक की नही हैं मजबूरियाँ,
चाहते हैं एक दूसरे को फिर कैसी दूरियाँ.
नजदीकियां मन की हों,
 मन से मन का हो संबंध,
दिल के दिल से तार जुड़े हों.
चाहकर भी हम  आपको भूल न सकेंगे,
तुम्हारे यादों के सिवा किसी कि यादों को मंजूर न करेंगे.

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