स्तनपान: एक सजग मुहिम(जरूरत भी जागरूकता भी)



मुखिया जी: का हॉल हो रामलाल बड़ी चिंता में हो।
रामलाल: अरे कुछ नही मुखिया जी आप पहले चाय पीजिये, बहु मुखिया जी के लिए चाय ले आओ।
बहू: जी चाय
मुखिया जी: (चाय की चुस्कियां लेते हुए) हा तो रामलाल अब बताओ का बात की चिंता है तुमको हम है न!
रामलाल: चिंता का कारन तो हमारी इ बहू है , जो रोज नए -नए बे मतलब के मुद्दों पर बवाल काटा करती है, देखिये न अभी शौचालय बनवाये है और अब कहती है कि बच्चो को दूध पिलाने के लिए सार्वजनिक स्थल पर स्तनपान केंद्र खोले जाने चाहिए।
मुखिया जी: हाँ तुम्हारी बात तो ठीक है कौनो जरूरत नही है, बच्चों को खुली जगहों पर दूध पिलाने की, स्तनपान केंद्र बने या न बने हमें का फर्क पड़ता है।
बहू: आप लोग कृपा करके भगवान् के लिए शांत रहे , मैंने सोचा भी नही था कि आप लोग महिलाओं की सुरक्षा के बारे में इस तरह लापरवाही भरी सोच रखते है, मुखिया जी आप भी!
यमराज: चित्रगुप्त आज मौसम कितना सुहाना है।
चित्रगुप्त: जी महराज।
यमराज:चित्रगुप्त तुम्हारी आवाज को क्या हुआ स्त्रियो की तरह क्यों बोल रहे हो।
चित्रगुप्त: महाराज आपने ही कल मैं जब यू ट्यूब पर लेटेस्ट वीडियोज़ देख रहा था तभी आपने मुझे श्राप दिया था , की तुम्हारी आवाज एक बार स्त्री की होगी और एक बार पुरूष की होगी।
यमराज: हा अच्छा याद आया।
चित्रगुप्त: तो क्या मैं आपके लिए आपके लैपटॉप्स या एंड्रोएड फ़ोन की म्यूजिक ऐप्प से कोई अच्छा सा सांग प्ले करूं क्यां ?
यमराज: नही चित्रगुप्त! आज मेरा कुछ लिखने का मूड है वो भी बिलकुल अलग विषय हो और लेटेस्ट भी हो, मैं  तुम्हे आज्ञा देता हूँ कि अभी फ़ौरन पृथ्वी पर जाओ और् जो मुद्दा हर जगह छाया हो उसके बारे में मुझे जानकारी  व्हाट्सअप, मेल, मैसेंजर के या फिर मेरे  फेसबुक अकाउंट पर शेयर करो, जिससे मैं कुछ लिख सकूँ।
  छोटे बच्चों की रोने की आवाजें ( छोटे भूखे बच्चों  की आवाजें)
चित्रगुप्त एक जगह पर अपना सर पकड़कर बैठ जाता है, (और जोर की आह भरता  है) इतने सारे दुःख दर्द पृथ्वी पर, लिखने के लिए तो काफी कुछ है  पर प्रभु ने मुझसे कोई लेटेस्ट सब्जेक्ट खोजने को कहा था।
तो मैं स्तनपान(breastfeeding) जो एक दम ताज़ातरीन घटना और महिलाओं के सरोकार से जुड़ा मुद्दा है ,को ओके करके महाराज को मेल भेजता हूं।
चित्रगुप्त: जी महाराज आपने कुछ लिखा क्या ?
यमराज:  लिखा , समझा और क़ानून भी बनाया अपने यमलोक के लिए ।
चित्रगुप्त: ऐसा क्यों महाराज, पृथिवीवासियो के लिए क्यों कोई कानून नही बनाया?
यमराज: चित्रगुप्त तुम क्या नही जानते, पृथिवी पर् जनता द्वारा चुने हुए नेता जी जैसे लोग क़ानून बनाते है , जिनके क़ानून बनाते  बनाते दशक बीत जाते है और लागू करने की बात ही मत करो।
चित्रगुप्त: समझा महाराज।
यमराज: अपने यमलोक का कानून को अपडेट करो, सभी पृथ्वीवासियों को  जिनके पास एंड्राइड फ़ोन है उनको वाट्सएप करो, जिनके पास फीचर फ़ोन है उनको टेक्स्ट मैसेज करके नये यमलोक कानून के बारे में सब को अवगत करा दो, जिससे की जो महिलाओं की इज़्ज़त न करता हो, तो करना शुरू कर दे और बच्चो को स्तनपान कराने वाली महिलाओं को घूरे नही, बल्कि उनकी हर संभव मदद करे , ऐसा न करने पर
उनका स्वागत यमलोक में अककॉर्डिंग टू द लॉ ओफ़ यमलोक 2018 के तहत होगा।
उदहारण: 1-सबको चिली सॉस में डूबे हुए चमड़े के इलेक्ट्रिक कोड़े से स्वागत सत्कार किया जायेगा, और शुबह शाम भी कोड़े से नवाजा जायेगा।
2- सबका फ़ोन जब्त करके, व्हाट्सअप, फेसबुक, इत्यादि सोशल नेटवर्किंग साइट्स का इस्तेमाल बैन कर दिया जाएगा ।

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2 Comments

  1. इस लेख द्वारा महिलाओ की समस्यओं तथा उनके हक़ को जो दरसाया गया है वो सरानीय है

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  2. समाज के लोगो को सोच बदलने की जरूरत है

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