दिल हमने तोड़ा नहीं!

ख़ुद के हाथों टूटा है दिल हमारा मोहब्बत में

हमने लड़ झगड़कर किसी को छोड़ा नहीं 

गैर की बातों पर कर लिया जो भरोसा तुमने
तो जाओ किसी का दिल हमने तोड़ा नहीं!

बेशक रहा तुम्हारा हाथ सफ़र में मेरे हाथ में
दिल ने चाहा तो चूम लिया मगर छोड़ा नहीं
हमने जोड़ा था तुमसे, रूह से रूह का रिश्ता
और एक तुम हो कि हमें कहीं का छोड़ा नहीं!

मैं समंदर की मानिंद आया था प्यास के पास
मगर तुमने तो अपना गुरूर ही छोड़ा नहीं
लगा सकती हो बदलने की तोहमतें हमपर
मगर रूठने का लहज़ा तुमने भी छोड़ा नहीं!

और क्या बतलाउ तुमसे तन्हाई में मेरी जान
कब तुमने पुकारा और मैं तुम्हारी ओर दौड़ा नहीं?
तुम्हें इजाज़त है चाहे जिस रास्ते का सफ़र करो
तुम्हारा साया था, साया रहूंगा, राह का रोड़ा नहीं!



































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