वो मेरी नज़र मेरा साया है
जो साथ नही वो पराया है.
लौटने को कहकर गया था
बताओ कौन अब आया है.
पहली बार देर से आया था
मुझे यूँ इंतज़ार सिखाया है
सोचा, कुछ तो कमाया है
बग़ैर उसके, सब जाया है.
जिसने दिल को दुखाया है
बड़ा ही बेरहम ख़ुदाया है.
✍️ Trishi
वो मेरी नज़र मेरा साया है
जो साथ नही वो पराया है.
लौटने को कहकर गया था
बताओ कौन अब आया है.
पहली बार देर से आया था
मुझे यूँ इंतज़ार सिखाया है
सोचा, कुछ तो कमाया है
बग़ैर उसके, सब जाया है.
जिसने दिल को दुखाया है
बड़ा ही बेरहम ख़ुदाया है.
✍️ Trishi
1 Comments
Good...
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