इश्क़ का रंग

 


कर गुज़रने की हसरत थी

दिल में मलाल भी है

इश्क़ का रंग सफ़ेद?

दूजा लाल भी है।


कच्ची डोरियों से 

दिलों को जोड़ा गया है

सदायें गूँजती है

मौन निचोड़ा गया है।


वो चाँद, वो सितारें

सारे आसमां की जेब में हैं

जिन्हें शौक़ है इनका

समझो वो किसी फ़रेब में हैं।


साँसों के व्यापार में

फ़क़त अहसास है

मुनाफ़ा कुछ नही

अपना अपने पास है।


कल-  कल - कल की

ध्वनि करते - करते

मद्धम- मद्धम बहना है

ऐसे ही साथ में रहना है।

                                  ✍️ Trishi













































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