बसपा सुप्रीमों ने राजस्थान की घटना पर कांग्रेस की ख़ामोशी पर उठाये सवाल

 

यू.पी. की तरह राजस्थान प्रदेश में भी कांग्रेसी राज में वहाँ हर प्रकार के अपराध व उनमें खासकर निर्दोषों की हत्या, दलित एवं महिलाओं का उत्पीड़न आदि चरम सीमा पर है, अर्थात् यहाँ भी कानून का नहीं बल्कि जंगलराज चल रहा है। अति- शर्मनाक व अति-चिन्ताजनक। 1/2



यूपी की 4 बार मुख्यमंत्री रह चुकीं बसपा सुप्रीमों मायावती ने राजस्थान की घटना पर कांग्रेस की चुप्पी पर ट्वीट कर सवाल उठायें है. बीते 7 अक्टूबर को राजस्थान के जनपद करौली  में एक पुजारी की आग लगाकर हत्या कर दी गई थी. राजस्थान में कांग्रेस सरकार  है. इसलिए मायावती ने कांग्रेस को पुजारी की हत्या के बहाने आड़े  हाथों लिया है. उन्होंने कांग्रेस पर राजनीती करने का आरोप लगाते हुए कहा कि  राहुल और प्रियंका हाथरस पीड़िता  के परिजनों से मुलाकात करने जाते हैं लेकिन राजस्थान की घटना पर क्यों चुप्पी साधे  हुए हैं.

मायावती ने ट्वीट करते हुए लिखा,  यू.पी. की तरह राजस्थान प्रदेश में भी कांग्रेसी राज में वहाँ हर प्रकार के अपराध व उनमें खासकर निर्दोषों की हत्या, दलित एवं महिलाओं का उत्पीड़न आदि चरम सीमा पर है, अर्थात् यहाँ भी कानून का नहीं बल्कि जंगलराज चल रहा है। अति- शर्मनाक व अति-चिन्ताजनक। 1/2

बसपा सुप्रीमो ने अपने दूसरे ट्वीट में लिखा, लेकिन यहाँ कांग्रेसी नेता अपनी सरकार पर शिकंजा कसने की बजाए खामोश हैं। इससे यह लगता है कि यू.पी. में अभी तक जिन भी पीड़ितों से ये मिले हैं तो यह केवल इनकी वोट की राजनीति है व कुछ भी नहीं। जनता  ऐसी ड्रामेबाजियों से सर्तक रहे, बी.एस.पी. की यह सलाह। 2/2

क्या है पूरा मामला 

गौरतलब है कि राजस्थान के करौली जिले में मंदिर के जमीन से जुड़े विवाद के चलते 7 ऑक्टूबर को मंदिर के पुजारी की अज्ञात लोगों द्वारा पेट्रोल छिड़ककर आग लगाकर मारने का मामला प्रकाश में आया था. घटना के बाद गंभीर रूप से झुलस चुके पुजारी को एक हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया था. जहाँ उसने बीते गुरूवार को इलाज़ के दौरान दम तोड़ दिया था. वहीँ, पुजारी के परिजनों और ग्रामीणों की मांग थी कि 50 लाख रुपये और एक सरकारी नौकरी उनके परिजनों को दी जाये।  इसके अलावा वारदात को अंजाम देने वाले अपराधियों को गिरफ्तार करने की मांग पर भी अड़े हुए हैं.  राजस्थान सरकार ने 10 रूपए व एक सारतकारी नौकरी देने का आश्वासन पुजारी के परिजनों को दिया है. सरकार द्वारा कुछ मांगे मानने  के बाद पुजारी के बेटे ने अंतिम संस्कार कर दिया गया था.


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