योगी सरकार बैकफुट पर, बिजली विभाग के निजीकरण के प्रस्ताव को टाला


प्रदेशभर में सोमवार से विद्युत कर्मचारी  संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले बिजली विभाग के हड़ताल कर रहे थे. प्रदेश सरकार ने निजीकरण के प्रस्ताव को टालते हुए कहा की कर्मचारियों के हितों को देखते हुए फैसला लिया गया है.



बिजली विभाग के तकरीबन 15 लाख कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है. उत्तर प्रदेश सरकार ने बिजली विभाग के निजीकरण के प्रस्ताव को तीन महीने के लिए आगे बढ़ा दिया है. प्रदेशभर में सोमवार से विद्युत कर्मचारी  संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले बिजली विभाग के हड़ताल कर रहे थे. प्रदेश सरकार ने निजीकरण के प्रस्ताव को टालते हुए कहा की कर्मचारियों के हितों को देखते हुए फैसला लिया गया है.

हड़ताल के पहले दिन विफल रही थी वार्ता

हड़ताल के पहले दिन ही कई जगह बिजली गुल रही. कहीं कहीं तो 6 से आठ घंटे तक बिजली गुल हुई. देर रात पॉवर कॉर्पोरेशन और  विद्युत कर्मचारी संघर्ष समिति के बीच देर रात हुई वार्ता विफल रही थी.

अपर मुख्य सचिव, ऊर्जा अरविंद कुमार ने बताया था कि कई मुद्दों को लेकर अब भी सहमति नहीं बनी है, इसी कारण वार्ता विफल रही. जल्द ही दो दोबारा कर्मचारियों के साथ बातचीत करके आगे का निर्णय लिया जाएगा.

गौरतलब है कि हड़ताल के पहले दिन विद्युत विभाग के कर्मचारियों ने सरकार को सख्त लहजे में कहा था कि यदि उनकी मांगे नहीं मानी गई तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे. आखिरकार प्रदेश सरकार विद्युत विभाग के आगे झुकने को मजबूर हुई. इसके बाद सरकार ने निजीकरण के प्रस्ताव को तीन महीने के लिए टाल दिया है. माना ये जा रहा है इन तीन महीनों के अंदर सरकार और विद्युत विभाग बातचीत के जरिए  हल निकाल लेंगे.

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