शीर्ष न्यायलय ने क्लैट (कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट एडमिशन 2020 ) की कॉउंसलिंग रोक लगाने से साफ मना कर दिया है। और कॉउंसलिंग की प्रक्रिया को रद्द करने से भी मन कर दिया है. कोर्ट ने याचिका दायर करने वाले पांचों स्टूडेंट्स सर कहा है कि वे अपनी शिकायत दो दिनों कमेटी समक्ष रखें। कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट पिछले माह अक्टूबर की 28 तारीख को आयोजित किया गया था. इस एग्जाम के माध्यम से देश के 23 नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में एडमिशन मिलता है.
न्यायाधीश अशोक भूषण की अगुवाई वाली खंडपीठ ने कहा शिकायतकर्ताओं (5 स्टूडेंट्स) की शिकायत निवारण कमेटी स्टूडेंट्स के मामले पर विचार करेगी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम कॉउंसलिंग की प्रक्रिया को बंद या रद्द नहीं कर सकते हैं. याचिकाकर्ता छात्रों की तरफ से कोर्ट में उपस्थित हुए उनके वकील गोपाल शंकर नारायण ने शीर्ष न्यायलय से कहा क्लैट की परीक्षा में कुछ टेक्निकल गड़बड़ी हुई है. परीक्षा ऑनलाइन थी इसलिए पेपर देने के समय परेशानी हुई. कुछ क्वेश्चन भी सही नहीं थें. इस मामले में तकरीबन 40 हज़ार से भी अधिक शिकायतें आईं थी.

0 Comments