नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने शीर्ष न्यायालय को जानकारी देते हुए बताया है कि कर्जदारों को क़र्ज़ चुकता करने के लिए मोरेटोरियम (रियायत ) के दौरान क़र्ज़ लेने वालों के खातों में 5 नवम्बर तक पैसा भेज दिया जायेगा। ये पैसा उन लोगों के ही खातें में आएगा जिन्होंने 2 करोड़ तक का ऋण लिया है. केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एफिडेविट लगाते हुए कहा है कि वित्त मंत्रालय की रणनीति के अनुसार चक्रवृद्धि ब्याज और सामान्य ब्याज के बीच की अंतर की रकम लोन लेने वालों को दी जाएगी। वित्त मंत्रालय के मुताबिक क़र्ज़ देने वाली कम्पनिया केंद्र सरकार से कर्ज लेने वालों के खातें में राशि जमा कराने के बाद कर्ज देने वाली कंपनियां सरकार से इस राशि के भुगतान का दावा कर सकती हैं.

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