हाथरस कांड से सबक लेते हुए केंद्र सरकार ने जारी की एडवाइजरी, राज्यों को दिया ये निर्देश

नई दिल्ली। बीते महीने उत्तर प्रदेश के जनपद हाथरस के गैंगरेप कांड के बाद राज्य सरकार की चारो तरफ हो रही आलोचना से सबक लेते हुए केंद्र सरकार ने सभी  केंद्र शासित प्रदेश के साथ सभी राज्यों को दिशानिर्देश देते हुए एडवाइजरी  जारी की है. गृह मंत्रालय ने अपनी दो पन्नों की अडवाइजरी में साफ़ कहा है कि  महिलाओं  के विरुद्ध हो रहें अत्याचारों के मामलों में सख्त कार्रवाई करने की बात कही है. 

आज यानि कि  शनिवार को जारी की गयी एडवाइजरी  में  गृह मंत्रालय ने दंड प्रक्रिया संहिता में  तीन  मुख्य बिंदुओं पर जोर दिया है. ऍफ़ आई आर के अनिवार्य पंजीकरण ( रेप के मामले में ) , अनिवार्य जांच 24 घंटों के अंदर, अनिवार्य चिकित्सीय परीक्षण ( रेप के मामले में) किसी अनुभवी\ योग्य चिकित्सक से. यदि पीड़िता सहमत है. 

 केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्यों को भेजे गए लेटर  के द्वारा एडवाइजरी  के दिशानिर्देशों का कड़ाई  करवाना सुनिश्चित कहा है. इसके अलावा अपनी  एडवाइजरी केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा कि यदि इन अनिवार्य आवश्कताओं में यदि पुलिस असफल होती है तो आपराधिक मामलों में न्याय की गुंजाइस न के बराबर बचती है.  और पीड़ित वर्ग को न्याय दिलाने में कारगर नहीं सिद्ध हो सकती है. 

गौरतलब है कि  पिछले माह सितम्बर की 14  तारीख को उत्तर प्रदेश के हाथरस जनपद के बूलगढ़ी गॉंव में उच्च जाति  के 4 युवकों द्वारा एक निचली जाति  की युवती के साथ गैंगरेप की वारदात के कई दिनों बाद तक ऍफ़ आई आर नहीं दर्ज़ हुई थी और न ही उसका समय पर चिकित्सीय परीक्षण हो पाया था. इसके बाद राज्य सरकार और  पुलिस की चारों तरफ जमकर किरकिरी हुई थी. 

Post a Comment

0 Comments