हाथरस गैंगरेप पीड़िता का पुलिस ने परिजनों की गैरमौजूदगी में आधी रात को किया अंतिम संस्कार


          


हाथरस गैंगरेप पीड़िता की 29 सितम्बर की रात को सुबह लगभग तीन बजे दिल्ली के एक हॉस्पिटल में मौत हो गई थी. पीड़िता की मौत के बाद परिजनों ने यूपी सरकार से न्याय की गुहार लगाई थी. इसी बीच 30 सितम्बर की रात को यूपी पुलिस ने पीड़िता के शव को उसके गांव लेे जाकर उसके परिजनों की गैरमौजूदगी में उसका अंतिम संस्कार कर दिया. 

परिजन घर लेे जाना चाहते थे शव

पीड़िता के परिजन अपनी बेटी के शव के घर लेे जाना चाहते थे. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पुलिस ने कानून व्यवस्था बिगड़ने कि बात कहकर शव को घर ले जाने की अनुमति नहीं दी. परिजन आधी रात को शव जलाने को तैयार नहीं थे. ऐसे में यूपी पुलिस ने आधी रात को पीड़िता का दाह संस्कार कर दिया.

खेत गई थी चारा लेने

आपको बता दें कि बीते 14 सितम्बर को युवती अपनी मां के साथ खेत से चारा लेने गई थी. इसी दौरान आरोपितों ने मौके का फायदा उठाकर युवती के साथ रेप कि वारदात को अंजाम दिया. इतना ही नहीं पीड़िता दबंगों ने पीड़िता की गले की हड्डी तोड़ दी, जुबान काट दी. इसके बाद परिजनों ने युवती को नजदीकी हॉस्पिटल में भर्ती कराया.

कानून व्यवस्था का हवाला देकर किया अंतिम संस्कार

हालत बिगड़ी देख जे एन मेडिकल कॉलेज रिफर किया गया था. वहां पर भी पीड़िता कि हालत में सुधार न होते देख युवती को इलाज के लिए दिल्ली भेजा गया, जहां 29 सितम्बर की देर रात उसने दम तोड़ दिया. और 30 सितम्बर की देर रात को पुलिस ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कानून व्यवस्था बिगड़ने कि बात कहकर  परिजनों की गैरमौजूदगी में ही शव को जला दिया.






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