बाबरी विध्वंस केस : लखनऊ की स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने सभी आरोपियों को किया बरी

 




28 साल से चल रहे बाबरी विध्वंस केस में लखनऊ की स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने बुधवार को सभी 32 आरोपियों को बरी कर दिया. कोर्ट ने अपने फैसला सुनाते हुए में कहा कि बाबरी विध्वंस पहले से तय नहीं थी. मौके पर मौजूद अराजकतत्वों ने बाबरी के ढांचे को तोड़ा था. जिन लोगों पर बाबरी विध्वंस के आरोप हैं इन्होंने उन लोगों को रोकने का प्रयास किया था जिन्होंने बाबरी का ढांचा तोड़ा था.



गौरतलब है कि बाबरी विध्वंस मामले में कुल 49 लोगों पर केस चल रहा था. जिनमें से 17 लोगों का निधन हो चुका है. कोर्ट ने सभी जीवित 32 आरोपियों को आज फैसले के दिन कोर्ट में उपस्थित रहने को कहा था. जिनमें से 26 लोग ही उपस्थित हुए, जबकि लाल कृष्ण आडवाणी और मनोहर जोशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कोर्ट के समक्ष हाजिर हुए. कोर्ट ने कहा आरोपियों के खिलाफ जो सबूत कोर्ट में पेश किए गए वो दोष सिद्ध करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं. इसके अलावा सीबीआई न्यायालय ने अपने 2300  पन्नों के फैसले में कहा कि विवादित ढांचा गिरने में विश्व हिन्दू परिषद नहीं शामिल था.

बाबरी विध्वंस मामले में आरोप मुक्त किए गए लोगों की सूची

बाबरी विध्वंस मामले में बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, कल्याण सिंह, उमा भारती, विनय कटियार,रामजी गुप्ता, ब्रज भूषण शरण सिंह, कमलेश त्रिपाठी, रामचंद्र खत्री, जय भगवान गोयल, ओम प्रकाश पांडेय, अमर नाथ गोयल, जयभान सिंह पवैया, महाराज स्वामी साक्षी, विनय कुमार राय, नवीन भाई शुक्ला, आरएन श्रीवास्तव, आचार्य धर्मेंद्र देव, सुधीर कुमार कक्कड़, धर्मेंद्र सिंह गुर्जर,सतीश प्रधान, पवन कुमार पांडेय, लल्लू सिंह, प्रकाश शर्मा, विजय बहादुर सिंह, संतोष दुबे, गांधी यादव,साध्वी ऋतंभरा, महंत नृत्य गोपाल दास, डॉ. राम विलास वेदांती, चंपत राय, और महंत धर्मदास आरोपियों की सूची में थे जिन्हें आज लखनऊ की स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने आरोप मुक्त कर दिया है.


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