हाथरस गैंगरेप मामले में पुलिस की लापरवाही आई सामने
छेड़छाड़ की धाराओं में दर्ज किया था मुकदमा
9 दिनों बाद युवती को आया था होश
दिल्ली के एम्स में इलाज के दौरान मौत
सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर भेजा गया जेल
यूपी में बीजेपी सरकार बनने के बाद यूपी में रामराज्य लाने का दावा करने वाले नेताओं के मुंह पर तमाचा है हाथरस की घटना. बीते 14 सितम्बर को पशुओं के लिए चारा लाने खेत गई दलित युवती को चार युवकों ने मिलकर बारी - बारी से अपनी हवस का शिकार बनाया. इसके बाद आरोपितों ने पीड़िता की जुबान भी काट दी ताकि वो अपने साथ हुई बर्बरता का नहीं जिक्र न कर सके. इतना ही नहीं आरोपियों ने गैंगरेप पीड़िता कि रीढ़ कि हड्डी भी तोड़ दी थी.
हालत बिगड़ने पर दिल्ली ले जाया गया, मौत
पीड़िता के साथ हुई हैवानियत का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि घटना के 9 दिनों बाद वो होश में आ सकी थी. पीड़िता को घटना के बाद अलीगढ़ के जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था. उसकी बिगड़ती हालत को देखते हुए कल उसे दिल्ली के एम्स ले जाया गया जहां उसने दम तोड़ दिया.
पुलिस की लापरवाही आई सामने
14 सितम्बर को युवती के साथ चार युवकों द्वारा गैंगरेप किए जाने के मामले को पुलिस ने छेड़छाड़ किए जाने का मुकदमा दर्ज किया. विरोध के बाद हत्या कि कोशिश के लिए धारा 307 के अन्तर्गत मुकदमा पंजीकृत किया गया.
सभी आरोपी पुलिस हिरासत में
दलित युवती के साथ गैंगरेप करने वाले चारों आरोपितों की पहचान रवि, रामू संदीप और लवकुश के रूप में हुई है. सभी आरोपी मृतक पीड़िता के गांव के ही रहने वाले हैं. हाथरस पुलिस अधीक्षक के मुताबिक इनमें से संदीप को 14 सितम्बर को ही गिरफ्तार कर लिया गया था, जबकि रामू, लवकुश और संदीप को घटना के कई दिन बाद गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है.

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