संजीत हत्याकांड : प्रदर्शन कर रहे परिजनों को घसीटते हुए लेे गई पुलिस, घर में किया नजरबंद

 

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कानपुर. संजीत यादव अपहरण कर हत्या किए जाने के मामले को 2 माह से ज्यादा का वक्त बीत चुका है. लेकिन  पुलिस किसी अभी तक किसी अंजाम तक नहीं पहुंच चुकी है. ऐसे में एक बार फिर संजीत यादव के परिजनों का दर्द छलक उठा है. संजीत यादव के परिजन बर्रा के शास्त्री चौक पर धरने पर बैठने की खातिर घर से निकले थे. इतनी में इसकी भनक पुलिस को लग गई और पुलिस संजीत यादव के परिजनों को घर में ही नजरबंद कर दिया.


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संजीत के परिजनों की मांग है मामले की सीबीआई जांच, परिवार को 1 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता के अलावा बेटी को सरकारी नौकरी भी दी जाए. धरने पर संजीत के परिजनों के बैठने की  सूचना पाकर मौके पर आई पुलिस ने संजीत के परिजनों को समझाते हुए बताया कि मामले की जांच अभी भी जारी है. लेकिन संजीत यादव के परिजन मानने को तैयार नहीं हुए. मौके पर मौजूद लोगों ने हंगामा करना शुरू कर दिया. नौबत धक्का मुक्की तक आ पहुंची तो पुलिस ने मामला बढ़ता देख पुलिस बल को मौके पर बुला लिया. इसके बाद पुलिस ने संजीत यादव के पिता और बहन को घसीटते हुए गाड़ी में बैठा लिया. और घर में नज़बंद कर दिया.



सीएम योगी से मिलने के लिए पैदल ही निकल लिए थे कानपुर से


आपको बता दें कि  सीबीआई जांच नहीं किए जाने से स्तब्ध परिजन. 15 अगस्त से पहले पूरे परिवार सहित कानपुर जिले से पैदल ही लखनऊ की तरफ चल दिए थे. भनक लगने के बाद पुलिस ने उन्हें कानपुर के नौबस्ता चौराहे पर ही रोक लिया था. जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंचे एसपी भूकर ( दक्षिण)  ने संजीत यादव से बात करके उनको समझा कर घर वापस भेज दिया था. संजीत के परिजनों मांग कर रहे थे कि उनके बेटे की मौत की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच की जानी चाहिए . 


22 जून को लापता हुआ रहा संजीत


उत्तर प्रदेश के कानपुर में जून माह की 22 तारीख को लैब टेक्नीशियन संजीत यादव को बदमाशों ने अगवा कर लिया था उसके बाद उसकी हत्या कर दी थी .  संजीत की हत्या के बाद से ही परिवार वाले सीबीआई जांच कि मांग कर रहे थे जिसकी जो मान भी ली गई थी लेकिन बाद में खबर आई कि सीबीआई जांच नहीं होगी. 29 जून को संजीत के परिजनों के पास अपहरण करने वाले बदमाशों का फोन भी आया था. जिसके बाद परिजनों ने पुलिस की मौजूदगी में 30 लाख रुपए की फिरौती भी दी थी.  इस मामले में पुलिस ने संजीत के दो दोस्तों को गिरफ्तार किया था. पूछताछ में उन्होंने बताया था कि  संजीत की 26 जून को ही हत्या करके शव को पांडु नदी में फेंक दिया था. इसके बाद पुलिस ने गोताखोरों कि मदद से शव को तलाशी के लिए सर्च अभियान भी चलाया था लेकिन कामयाबी हाथ न लगी. तब से  गुस्साए परिजन मामले कि सीबीआई  जांच की मांग कर रहे हैं.

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