जेईई - नीट के विरोध में प्रदर्शन कर रहे सपाइयों पर पुलिस ने बरसाई लाठियां, अखिलेश बोलें- ये जनतंत्र नहीं... है

 


 

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लखनऊ. कोरोना वायरस के चलते देश के हालात इन दिनों बेहद खराब है पिछले चार-पांच दिनों से लगातार 75 हजार से ज्यादा नए की रोज सामने आ रहे हैं. इसी बीच सोमवार को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में जेईई - नीट और ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन की अंतिम वर्ष की परीक्षा को आयोजित किए जाने के विरोध में हजारों की संख्या में सपा कार्यकर्ता राजभवन को घेरने के लिए जा ही रहे थे कि बंदरिया बाग चौराहे के पास पुलिस ने सपा कार्यकर्ताओं पर जमकर लाठियां बरसाईं जिसमें कई सपा कार्यकर्ताओं को गहरी चोटें भी आई हैं.सभा के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह देव , उपाध्यक्ष मोनू दुबे और महेश यादव  समेत काफी संख्या में समाजवादी कार्यकर्ता चोटिल हुए हैं.

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सपा कार्यकर्ताओं पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज लेकर सूबे की बीजेपी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि यह लाठी चार्ज नहीं खूनी हमला है. सरकार अपनी मनमानी कर रही ये जनतंत्र नहीं  मन तंत्र है. अखिलेश यादव ने ट्वीट करते हुए लिखा,कोरोनाकाल में परीक्षा कराने के विरोध में सड़कों पर उतरे सपा के कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज नहीं ‘ख़ूनी हमला’ हुआ है.

आज बाल-बच्चोंवाला हर परिवार चिंतित है. सबका साथ का दावा करनेवाले अकेले लोगों की मनमानी कब तक चलेगी."



उन्होंने अपने दूसरे ट्वीट में लिखा,जिस प्रकार देशभर के परीक्षार्थियों ने अपनी ‘नापसंदगी’ दर्शाकर अपना रोष दर्ज किया है, उसने साफ़ कर दिया है कि चिंतित युवा और अभिभावक भी चाहते हैं कि सत्ताधारी अपना दंभ त्यागकर परिवारवालों की माँग सुनें. याद रहे पलटे हुए अंगूठे सत्ता भी पलट देते हैं. "

आपको बता दें कि दिन-ब-दिन कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ रहे हैं ऐसी स्थिति में केंद्र सरकार द्वारा जेईई - नीट की परीक्षा को आयोजित कराना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है. हालांकि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद केंद्र सरकार सितंबर में आयोजित होने वाली जेईई - नीट की परीक्षा कराने के लिए कमर कस चुकी है. वही दूसरी ओर देश के अंदर गैर भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री लगातार इस परीक्षा को टालने की मांग कर रहे हैं.

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