यूपी में नहीं थम रहा पत्रकारों के खिलाफ अपराध, बलिया में पत्रकार की गोली मारकर निर्मम हत्या

 

                              PIC Google ( file photo- ratan singh)

बलिया. उत्तर प्रदेश में बेखौफ बदमाशों ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था की पोल खोलते हुए एक टीवी पत्रकार की बीती रात लगभग 9:00 बजे रात को गोली मारकर हत्या कर दी. बताया जा रहा है कि पत्रकार रतन सिंह एक  न्यूज़ चैनल में काम करते थे. रतन सिंह की हत्या के पीछे के कारण तलाशे जा रहे हैं, कहा यह जा रहा है कि रतन सिंह का पट्टीदारों से विवाद था इसी के चलते पट्टीदारों ने उनकी हत्या कर दी. लगभग 2 वर्ष पहले इनकी भाई की भी हत्या हो चुकी है पुलिस ने रतन सिंह की हत्या के मामले में तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है तो वही फेफना के थानाध्यक्ष शशि मौली पांडेय को सस्पेंड कर दिया. पत्रकार रतन सिंह का फेफना गांव ने पुराना घर है. जहां उनसे पट्टीदारों से झगड़ा चल रहा था. पत्रकार रतन सिंह ने का एक घर फैफना में है जबकि एक घर रसड़ा - फेफना रोड पर बनवाया हुआ है.



मौके पर ही हो गई मौत


कहा जा रहा है कि बीती शाम को रतन सिंह अपने पुराने घर गए थे इसी दौरान बदमाशों ने दौड़ाकर पीछा किया. पत्रकार  रतन सिंह जान बचाकर भागते हुए ग्राम प्रधान सीमा सिंह की मकान में घुस गए लेकिन बदमाशों ने उनका पीछा करते हुए घर में घुसकर गोली मार दी. गोली उनके सिर में लगी जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई.



4 को लिया हिरासत में


वारदात की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने 4 लोगों को गिरफ्त में लेकर उनसे पूछताछ कर रही है. मामले की जानकारी पाकर एसपी देवेंद्र नाथ पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे.



यूपी में पत्रकारों को बनाया जा रहा है निशाना


बीते कुछ महीनों पहले गाजियाबाद में पत्रकार विक्रम जोशी की गोली मारकर दर्दनाक तरीके से हत्या कर दी गई थी. जिसके बाद सूबे की सरकार लगातार विपक्ष के निशाने पर है. इसके अलावा 19 जून को उन्नाव में लखनऊ कानपुर हाईवे पर शुभम मणि त्रिपाठी की गोलियां मारकर हत्या कर गई थी. यूपी में पत्रकारों के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ रहे हैं. कई ऐसी घटनाएं हैं जो ये साबित करती हैं कि यूपी में पत्रकारों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है.








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