आगामी 6 महीनों तक सोनिया बनी रहेंगी अंतरिम अध्यक्ष, राहुल ने चिट्ठी लिखने वाले नेताओं से जाहिर की नाराजगी

 

  • सोनिया गांधी 6 महीनों तक बनी रहेंगी अंतरिम अध्यक्ष
  • सुबह 11 बजे से शाम 6 बजे तक हुई बैठक CWC की बैठक      



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नई दिल्ली. आज यानी कि सोमवार को कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में दिनभर चले घमासान के बाद अंत में निर्णय लिया गया कि पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी आगामी 6 महीनों तक पार्टी की कमान संभालती रहेंगी. इस बैठक में यह भी तय किया गया कि 6 महीनों के भीतर चुनाव के कराके पार्टी का नया अध्यक्ष चुना लिया.


गौरतलब है कि वर्तमान में कांग्रेस पार्टी के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है बीते दिनों कांग्रेस के 23 नेताओं ने कांग्रेस हाईकमान को लीडरशिप लीडरशिप को लेकर पत्र लिखा था. बता दें कि आज कांग्रेस पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष के तौर पर कमान संभाले हुए सोनिया गांधी को 1 साल पूरा हो गया इसीलिए कयास लगाए जा रहे थे कि पार्टी अध्यक्ष के लिए इस बैठक में किसी नए नाम की घोषणा हो सकती. 

लेकिन ठीक इसके उलट हुआ प्रियंका और राहुल ने चिट्ठी लिखने वाले 23 नेताओं से नाराजगी जाहिर करते हुए भारतीय जनता पार्टी से मिलीभगत का आरोप लगाया हालांकि पार्टी की ओर से बाद में इन आरोपों का खंडन किया गया. गुलाब नबी आजाद और मल्लिकार्जुन समेत सभी पत्र लिखने वाले नेताओं ने कहा कि हमारी संगठन को लेकर कुछ चिंताएं थी इसलिए हम सभी ने आवाज़ उठाई थी.


2014 के आम चुनाव में हारने के बाद बिखरा कांग्रेस नेतृत्व


2014 के लोकसभा चुनाव में सत्ता खोने के बाद कांग्रेस पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर हमेशा सवाल खड़े होते रहे हैं. पार्टी के कुछ नेताओं की मांग है कि अध्यक्ष राहुल गांधी अध्यक्ष ही बने तो, वहीं कुछ नेता चाहते हैं कि कांग्रेस पार्टी का अध्यक्ष गांधी नेहरू परिवार के बाहर का कोई व्यक्ति बने. इस बीच 2019 के आम चुनाव के पहले राहुल गांधी को कांग्रेस पार्टी का अध्यक्ष भी बनाया गया था, लेकिन 2019 के आम चुनाव में कांग्रेस पार्टी की करारी हार के बाद राहुल गांधी ने कांग्रेस वर्किंग कमेटी को अपना इस्तीफा सौंप दिया था. ऐसी स्थिति में दोबारा सोनिया गांधी को अंतरिम कांग्रेस अध्यक्ष बनाया गया था लेकिन अब वर्तमान में फिर से कांग्रेस पार्टी के अंदर अध्यक्ष पद को लेकर गुटबाजी चल रही है पार्टी के कुछ नेताओं ने पार्टी हाईकमान को पत्र लिखकर राहुल गांधी को फिर से राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने की मांग की थी. 

जबकि पार्टी के कुछ नेता नहीं चाहते कि राहुल गांधी फिर से कांग्रेस पार्टी के कमान संभाले. इसी के चलते सीडब्ल्यूसी में फैसला लिया गया कि 6 महीनों तक पार्टी के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारियों का निर्वहन करती रहेंगी. इस दौरान पार्टी के नए अध्यक्ष का चुनाव करने के बाद सोनिया गांधी अध्यक्ष पद से कार्यमुक्त हो जाएंगी.

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