तुमको राज की एक बात बताता हूं
जब नींदे बिस्तर पर छोड़ आता हूं.
रात की हवा के साथ मुस्कुराता हूं
तुमको याद कर गीत गुनगुनाता हूं.
जब तुम रूठती हो बातों ही बातों में
और तुम्हें मैं बातों ही बातों में मनाता हूं.
रूठने मनाने के चक्कर में खो जाता हूं
फ़िर रात के बिखरे आंचल में जाके सो जाता हूं

4 Comments
Tumhri har baat sunta...Hun🤗
ReplyDeleteधन्यवाद
DeleteATI sunder Bhai
ReplyDeleteThanks bro
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