अब तोड़ रहें हैं मौन


अब जब जनसैलाब है सड़कों पर
विरोध का स्वर भी है प्रखर
सत्ताओं के शीर्ष धरातल जा पहुंचे
अब तोड़ रहें हैं मौन हम तुम और कौन?

अब तक मंदिर के वास्ते चुप रहे
मस्ज़िद के वास्ते चुप रहे।
हर मुद्दे पर रहें मौन
हम तुम और कौन- कौन?

शिक्षा पर हम चुप रहे
नौनिहालों की हालत पर चुप रहें
हर मुद्दे पर रहें मौन
हम तुम और कौन- कौन??

रोजगार के वास्ते चुप रहे
कच्चे हैं वादे चुप रहें।
हर मुद्दे पर रहें मौन
हम तुम और कौन- कौन?

अस्पताल कराह रहें हैं
मंत्री जी मौज मना रहें हैं
हर मुद्दे पर रहें मौन
हम तुम और कौन- कौन?

सरकारी अलाव ठंडे पड़े है
गर्मी तो सियासत के आंगन में है
हर मुद्दे पर रहें मौन
हम तुम और कौन- कौन??

देश के वास्ते चुप रहे
प्रदेश के वास्ते चुप रहे।
हर मुद्दे पर रहें मौन
हम तुम और कौन- कौन??

आह और चीख को भी दबा देंगे
हौसले न तोड़ पाए दफाएं लगा देंगे
हर मुद्दे पर रहें मौन
हम तुम और कौन- कौन??

अब जब जनसैलाब है सड़कों पर
विरोध का स्वर भी है प्रखर
सत्ताओं के शीर्ष धरातल जा पहुंचे
अब तोड़ रहें हैं मौन हम तुम और कौन?






















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