सब रेप पीड़िताओं को मिले त्वरित न्याय.



हैदराबाद के बाद यूपी की पीड़िता को है न्याय की दरकार, जिम्मेदारी यूपी पुलिस के कंधो पर.
हैदराबाद में एक वेटनरी डॉक्टर की रेप के बाद हुई हत्या से सारा देश गुस्से में उबल रहा था. लोगों में भी काफी रोष था ऐसी घिनौनी घटना को लेकर.  हैदरबाद की पीड़िता की रेप के बाद हत्या के नौ दिनों बाद ही पुलिस आरोपी को सीन रीक्रेसेशन के लिए सभी आरोपी को लेकर गई जहां पर आरोपियों ने मौका-ए-वारदात से भागने की कोशिश की जिसके बाद हैदराबाद कि चुस्त दुरुस्त पुलिस ने बिना कोई मौका गवाएं. आरोपियों को वहीं पर ढेर कर दिया.

जश्न मने पर उन्नाव के आरोपियों को ढेर करने के बाद
जिससे पूरे देश में खुशी का माहौल है. मेरे ख्याल से जश्न मानना भी चाहिए कि, रेप पीड़िता को आज पुलिस ने न्याय दिला दिया. पर जश्न मनाने में थोड़ी जल्द बाज़ी कि गई, जश्न और भी बड़ा ही सकता था. उन्नाव रेप पीड़िता जो अस्पताल में जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ रही है, उसके पीड़ितों को भी कानून , पेशी और वकील , जमानत के झंझट से मुक्ति दिलाई जाए, जिससे लोग दुगुनी खुशियां मना सके, हैदराबाद के बाद यूपी पुलिस को अलर्ट रहना चाहिए, क्योंकि यूपी पुलिस तो एनकाउंटर स्पेशलिस्ट है, पता नहीं कब सूबे  सरकार भी वारदात के सीन को दोहराने का हुक्म दे.

सियासी सह में पल रही बड़ी मछलियों का भी हो निपटान
चिन्मयानंद, आशाराम, कुलदीप सेंगर सहित अन्य बड़ी  सियासी सह में पल रही मछलियों को समय रहते ही निपटा देना चाहिए, जिनके सड़ने से समाज में बूं फैल रही है. सरकार को स्वच्छता अभियान के अन्तर्गत लगे हाथ चिन्मयानंद, आशाराम, कुलदीप सेंगर का भी बहीखाता खोलकर जल्द से जल्द इनका भी हिसाब किताब साफ़ कर दे सरकार. और जितने भी बड़े सियासी रसूख वाले रेपिस्ट है. उनका भी इसी तरीके से निपटान किया जाए, जिससे उनको, ये न लगे कि उनके साथ भेदभाव हो रहा है.  ये अपने माथे पर लगे रेप के कलंक के साथ कब तक जिंदा रहेंगे. सरकार को इनके विषय में भी सोचना चाहिए.

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