फैसला होगा मेरे हक में भ्रम मैंने पाल रखा है
इसलिए तो किस्मत का सिक्का उछाल रखा है.
इसलिए तो किस्मत का सिक्का उछाल रखा है.
अज़ीब दास्तां है यारो अब कैसा ये सवाल रखा है
होने को कुछ नहीं फ़िर ये कैसा कर बवाल रखा है.
होने को कुछ नहीं फ़िर ये कैसा कर बवाल रखा है.
किरदार गढ़ने से पहले ही मैंने खुद को ढाल रखा है
तू है नही मेरे संग मैंने तेरी बातों को संभाल रखा है.
तू है नही मेरे संग मैंने तेरी बातों को संभाल रखा है.
जाऊं न भटक एहतियातन तेरी यादों का जाल रखा है
यूं ही नहीं बोतल में कई बोतलों का नशा डाल रखा है.
यूं ही नहीं बोतल में कई बोतलों का नशा डाल रखा है.
छोड़कर गए हैं सभी बारी- बारी तू क्यों नहीं जाता है
कोई बताएगा मुझे कि ये मैंने कैसा पंक्षी पाल रखा है.
कोई बताएगा मुझे कि ये मैंने कैसा पंक्षी पाल रखा है.
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