पिछले दिनों आये फनी चक्रवाती तूफ़ान जो बीते बीस वर्षों में सबसे भयंकर तूफान था। जिससे लगभग 10 हजार गांव और 52 शहर ओडिशा के प्रभावित हुए जिनमे लगभग 8 लोगो की मौत होने के साथ- साथ 200 लोगो के घायल होने की पुष्टि हुयी है।
फनी तूफ़ान ने आंध्र प्रदेश के तटवर्ती इलाको से होते हुए ओडिशा में प्रवेश किया।
इस तूफ़ान ने ओडिशा में जमकर तबाही मचाई 150-200 किलोमीटर/ घंटे की रफ़्तार से हवाएं चली, और मूसलाधार बारिश के साथ यह चक्रवाती तूफान पुरी से भी गुजरा।
इस तूफ़ान की चपेट में आकर बिजली के खंभे, टेलीफोन, पेंड पल भर में ही टूटकर धराशायी हो गए।
इसके अलावा भुवनेस्वर के एम्स के हॉस्टल की छत ही उड़ गई तो कही बसे व् अन्य परिवहन के साधनों को भारी क्षति हुयीं।
समय बीतने के साथ ही फनी पश्चिम बंगाल में प्रवेश कर गया।
जिसका असर उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार में भी देखा गया ।
फनी ने पडोसी देश बांग्लादेश में भी तबाही मचाई है।
यूपी में फनी की वजह से मौसम बदला जिससे कुशीनगर में बिजली गिरने से दो लोगो की मौत भी हुयी है।
तूफ़ान के कारण विमान सेवाएं भी बाधित हुयी।
लेकिन फनी से सबसे ज्यादा प्रभावित ओड़िसा ही हुआ है।
जहाँ पर बिजली व् संचार सेवाएं बाधित रही। भुवनेस्वर एयरपोर्ट 24 घंटे के लिए बंद करना पड़ा।
13 लाख लोगो को सुरक्षित स्थान पर पहुचाया गया। पर्यटको को प्रभवित क्षेत्र को जल्द छोड़ने की सलाह दी गयी थी। गर्भवती महिलाएं पर विशेष ध्यान दिया गया।
मौसम विभाग की सतर्कता और शासन प्रशासन की जागरूकता से ही तूफ़ान से होने वाली हानि को कम किया जा सका है।
प्रभावित क्षेत्र में बचाव कार्य के लिए भारतीय तटरक्षक बल और नौसेना ने जहाजो और हेलीकॉप्टरों को भी तैनात किया गया था।
आंध्र प्रदेश, ओडिशा व पश्चिम बंगाल में भारतीय सेना और वायु सेना की टुकड़ियों को भी तैयार रखा गया था।
एन डी आर एफ ने आंध्र में 41,ओडिशा में 28 और बंगाल में पांच टीमें तैनात की थी ।
गृह मंत्रालय लगातार राज्यों से संपर्क में है तथा राज्यों और सम्बंधित एजेंसियों को निर्देश दिया है कि प्रभावित क्षेत्र में भोजन, दवाई इत्यादि जरूरी वस्तुओं को पीड़तों को फ़ौरन उपलब्ध कराये।
केंद्र सरकार ने पहले ही इन राज्यो को लगभग 1 हज़ार करोड़ की वित्तीय मदद राहत कार्यों के लिए दे दी थी।
मौसम विभाग लगातार चेतावनी जारी करके मछुआरों को समुद्र में जाने से रोक रहा है । जिससे किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके।
फनी तूफ़ान से प्रभावित 11 जिलों से आचार संहिता को हटा लिया गया है। जिसका उद्देश्य पीड़तों की हर संभव मदद की जाये।
फनी तूफ़ान से बेहतर ढंग से निपटने और मौसम वैज्ञानिकों की सटीक भविष्यवाणी की तारीफ़ करते हुए यूनाइटेड नेशन के ऑफिस के डिज़ास्टर रिस्क रिडक्शन के प्रवक्ता डेनिस मैकलीन ने कहा कि भारत में इस तूफ़ान से निपटने के लिए शानदार कदम उठाये गये है। संभावित मौतों की संख्या कम करने के लिए भारत सरकार की ज़ीरो कैजुअलिटी पालिसी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है।
यूनाइटेड नेशन ने भारत के तूफ़ान से निपटने के तौर तरीकों की सराहना की साथ ही अन्य देश भी भारत की तारीफ कर रहे है।
इससे यह साफ़ होता है आने वाले वर्षों में काफी हद तक इस तरह की आपदाओं में जान माल के नुक्सान को और कम किया जा सकता है।
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