सेलेब्रिटी संस्कृति का प्रभाव

                     
सेलेब्रिटी संस्कृति का प्रभाव क्या प्रभाव रहा है हमारे समाज के तौर तरीकों पर? इस प्रश्न का हल जानने के लिए सबसे पहले हम उन तथ्यों का आंकलन करना होगा जो हमें मानने को मजबूर करते है कि फ़िल्में समाज का आईना होती है ।
यह सौ प्रतिशत सच भी है इस बात को बिलकुल भी नही झुठलाया जा सकता है।
फ़िल्मी हस्तियों के अलावा वे सभी लोग सेलेब्रिटी होते जो अपने कार्यक्षेत्र में काफी नाम काम रहे होते है। चाहे खेल हो या बिजनेस या फिर राजनीती जैसे प्रोफेशन में आपको सेलेब्रिटी मिलेंगे। लोग उनका अनुसरण भी करते है।
 लेकिन आज जो कुछ भी समाज में घटित हो रहा है यह कहीं न कही हमारे सिनेमा को समाज का आईना बनने को मजबूर करता है।
आज से लगभग 6 साल पहले भारतीय सिनेमा 2013 में अपनी सौवीं वर्षगाठ मना रहा था तो फ़िल्मी पंडितों के मन में भारतीय सिनेमा के सौवीं वर्षगाँठ पर विश्लेषण करने के लिए काफी कुछ था। और आधुनिक फिल्मकारों का मार्गदर्शन किस प्रकार किया जाए इन सब पर चर्चा करने का बढिया मौका भी था।
ख़ैर इन सब पर चर्च भी हुई लेकिन सं 1913 में दादा साहेब फाल्के ने पहली फिल्म राजा हरिश्चन्द का निर्माण किया जो की एक मूक फिल्म थी तब उन्होंने क्या शायद किसी ने नही सोचा होगा की फाल्के साहब की तह फिल्म भारतीय सिनेमा जगत की नींव साबित होगी।
इसके बाद 1931 में पहली बोलती फिल्म आलम आरा भी प्रदर्शित हुई।
इस तरह से भारतीय सिनेमा लगातार नई बुलंदिया छूट रहा।
सेलेब्रिटी संस्कृति सिनेमा की उपज है ऐसा कहा जाए गलत न होगा। क्योंकि इसमें कोई दो रॉय नही है कि समाज में जो हो रहा होता है फिल्मकार उसी को फ़िल्मी परदे पर आकाऱ देते है।
लेकिन इसके अलावा फिल्मों में कुछ ऐसी चीजों को भी शामिल किया जाता है जो की पूरी की पूरी काल्पनिकता होती है जो समाज की किसी घटना से भिन्न होती है और फिल्म की सफलता के बाद वह समाज में अपनी जगह बना लेती है।
आप यशराज फिल्म्स की दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे को ही ले लीजिए इस फिल्म ने हर विवाहिता को करवाचौथ का व्रत रखन चाहिए ऐसी अवधारणा बना दी जो आज तक जारी है। और महिलाएं बड़े ही धूमधाम से इस त्यौहार को मनाती भी है।
ये सब पहले समाज में नही थी बल्कि एक फिल्मकार की कल्पना फिल्मों के जरिये आज समाज में व्यापक स्थान बना चुकी है।
ये सेलेब्रिटी संस्कृति का एक जीता जागता उदहरण  है। ऐसे सैकड़ो उदाहरण है जो सेलेब्रिटी संस्कृति को बढ़ावा देने का काम करते है।
आज की युवा जेनरेशन के युवाओं के बाइक स्टंट फिल्मों से ही प्रेरित होते है।
आज कल जो फ़िल्मी हीरो हेरोइन क्या पहनते है क्या कहते है उनका रहन सहन कैसा है?
लोग उन्हें रोल मॉडल भी मानते है उनके जो लोग उनसे प्राभावित होते है वे उनके जैसा बनना  चाहता है उनके लगभग हर कार्य का अनुसरण भी करते है।
उनकी जिंदगी का पूरा ताना बाना आम लोगो की जीवन से बिलकुल अलग होता है ।
भारत जैसे देश में फॉलोवर की कमी नही हो सकती हैI इस लिए सेलेब्रिटी संस्कृति का व्यापक प्रभाव लोगो पर है और आने वाले कुछ सालों में और भी बढ़ेगा।




Post a Comment

0 Comments