आजकल जाडा अपने शुरुआती दौर में है.
जाड़े की सर्द हवाओं के संग वायु प्रदूषण भी बढ़ने लगा है.
पिछले हफ्ते 2 दिसंबर को राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस मनाया गया.जिसका उद्देश्य लोगों को बढ़ते वायु प्रदूषण की जानकारी देकर इससे होने वाली अस्थमा स्वास रोग, सीने में जलन, हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों से बचा जा सके जिनका सीधा संबंध वायु के दूषित होने से है.
जाड़े के मौसम में हवाएं सुस्त हो जाती हैं. जिस कारण शहरों में गाड़ियों व कारखानों से निकलने वाले धुयें में मौजूद अति सूक्ष्म कण धूल में मिल जाते हैं और कोहरे के कारण वातावरण ये में रुके रहते हैं जो सांस के जरिए हमारे फेफड़ों में पहुंचकर शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं.
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार हर साल लगभग 2 से 4 लाख मौतों का संबंध वायु प्रदूषण से होने वाली बीमारियों से है.
सरकार को चाहिए कि वह वायु प्रदूषण से बचाव के लिए आवश्यक कदम उठाएं.
सरकार के साथ- साथ नागरिकों को भी पर्यावरण के प्रति कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए चाहिए कि
ऐसी वस्तुओं का उत्पादन व उपयोग बिलकुल ना करें जिससे कि वातावरण दूषित हो.
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