आक्सफेम इंडिया ने 21 जनवरी 2019 को एक स्टडी रिपोर्ट जारी करते हुए बताया की 2018 में भारत के अमीर लोगो की संपत्ति में रोजाना 2200 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई.
गरीबों की संपत्ति में जहाँ महज 3 फीसदी ही बढ़ोतरी हुई.
वही अमीरों का दबदबा लगातार बढ़ रहा है.
भारत के 9 अमीर लोगो के पास है 50 प्रतिशत गरीब आबादी के बराबर सम्पति.
ये रिपोर्ट उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में गोमतीनगर के एक कैफे में आक्सफेम के क्षेत्रीय प्रबंधक नंद किशोर ने जारी की.
रिपोर्ट में बताया गया की भारत की 10 प्रतिशत आबादी के पास देश की कुल संपत्ति का 77.4 फ़ीसदी
है.
पिछले साल की रिपोर्ट यानि की 2017 में जिस 73 प्रतिशत संपत्ति का सृजन हुआ था, उस पर देश की जनसंख्या का 1 प्रतिशत आबादी का कब्जा था.
जबकि 2018 के आकड़े बताते है की 1 प्रतिशत अमीर लोगो की संपत्ति में 39 फ़ीसदी का इजाफा हुआ है.
और अरबपतियों की संख्या 101 थी जो बढ़कर 119 हो गई है.
और यह भी कहा गया की 10 प्रतिशत आबादी के पास देश की संपत्ति का 77.4 फीसदी हिस्सा है.
आक्सफेम ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि आज के दौर में संपतियों पर कुछ लोगो का कब्जा बढ़ता ही जा रहा जिससे गरीबी और अमीरी में फासला भी बढ़ रहा है जो कि चिंता का विषय है.
यदि वैश्विक स्तर की बात करे तो एक रिपोर्ट के अनुसार 2018 में अमीरों की संपत्ति में प्रतिदिन 2.5 अरब डालर की वृद्धि हुई.
व दुनिया के गरीब लोगो की संपत्ति में 11 फीसदी की गिरावट आई है.
आर्थिक उपेक्षा का शिकार महिलाएं
रिपोर्ट में महिलाओं की आर्थिक स्थिति पर भी आकड़े प्रस्तुत करते हुए बताया गया कि दुनियाभर में घरों में रहकर बच्चों की देखभाल करते हुए कुल 10 हजार अरब डालर(710 लाख करोड़ रुपये) के बराबर घर के कई ऐसे काम करती है जिसके बदले उन्हे कोई भुगतान नही किया जाता है.
119 अरबपतियों में सिर्फ 9 महिलाओं को जगह मिली है.
देश में औरतों को काम के बदले पुरुषो के मुकाबले लगभग 34 प्रतिशत कम वेतन मिलता है.
ये आकड़े महिला सशक्तिकरण के दावों की पोल खोलने के लिए शायद काफी होंगे.
लगातार अमीरों की आय में बढ़ोतरी होना और गरीबों की आर्थिक स्थितियों में सुधार न होना. कहीं न कहीं देश और राज्य सरकारों की गलत नीतियों का ही परिणाम है.
बिना नीतिया सुधारे देश का आर्थिक स्वास्थ नही सुधरने वाला चाहे कितने भी नारे लगाए जाए और भाषणबाजी की जाए.
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