ये चिड़िया हैं, जिन घोंसलों की , उन घोंसलों की पहचान होती है।
लोग अक्सर क्यों भूल जाते है? लड़कियां है , लड़कियां भी इंसान होती है।
मौके मिलते है जितने, उन पर वे खरी उतरती है, मंज़िले आकर उनसे बाहेँ फैलाकर खुद मिलती है।
वे चिड़िया हैं, जिन घोंसलों की , उन घोंसलों की पहचान होती है।
बिना डरे कि , समाज क्या कहेगा, लोग क्या कहेंगे, इनका काम है कहना, इन्हें कहने दो।
लड़कियों को पंख दो, इनके हौसलो की उड़ान देखो, माँ बाप हो लड़कियों के तो ज़माने में इनकी पहचान देख़ो।
लड़कियों को मत चूल्हे चौके तक सीमित रखो, ये जल धाराएँ है नदियों सी इन्हें बहने दो, इन्हें बहने दो।
बिना डरे कि , समाज क्या कहेगा, लोग क्या कहेंगे, इनका काम है कहना, इन्हें कहने दो।
लड़कियों को पंख दो, इनके हौसलो की उड़ान देखो, माँ बाप हो लड़कियों के तो ज़माने में इनकी पहचान देख़ो।
लड़कियों को मत चूल्हे चौके तक सीमित रखो, ये जल धाराएँ है नदियों सी इन्हें बहने दो, इन्हें बहने दो।
बिना डरे कि , समाज क्या कहेगा, लोग क्या कहेंगे, इनका काम है कहना, इन्हें कहने दो।
बेशक ये समाज का आइना है, ये आने वाले वक्त में वक्त को राह दिखाएंगी!
अब तक जो जुल्म सहती आयी, अब ये न सहेंगी, बहुत हो गया , जो कहना है कहेंगी।
होकर शिक्षित ये समाज में, भागीदारी दिखला रही, न रोके इनको ये अपने बलबूते बदलाव ला रही।
बेशक ये समाज का आइना है, ये आने वाले वक्त में वक्त को राह दिखाएंगी।
अब तक जो जुल्म सहती आयी, अब ये न सहेंगी, बहुत हो गया , जो कहना है कहेंगी।
होकर शिक्षित ये समाज में, भागीदारी दिखला रही, न रोके इनको ये अपने बलबूते बदलाव ला रही।
बेशक ये समाज का आइना है, ये आने वाले वक्त में वक्त को राह दिखाएंगी।
हम लड़कियां हैं हमे कोख में न मारो, थोड़ा रुको, सोचो और विचार करो।
हम को भी जीने का हक है, नव जीवन मेरा उपहार दो मुझे, मानव हो मानवता का संचार करो।
हम भी संतान है यीशु , अल्लाह और भगवान् की, थोड़ा तो सन्मान करो।
हम लड़कियां हैं हमे कोख में न मारो, थोड़ा रुको, सोचो और विचार करो।
हम को भी जीने का हक है, नव जीवन मेरा उपहार दो मुझे, मानव हो मानवता का संचार करो।
हम भी संतान है यीशु , अल्लाह और भगवान् की, थोड़ा तो सन्मान करो।
हम लड़कियां हैं हमे कोख में न मारो, थोड़ा रुको, सोचो और विचार करो।

2 Comments
extreme beautiful appointments which lead to change scociety
ReplyDeleteBahut sundar likha h bhai samaj ko beti ko bojh nahi samjhna chahiye beti hi hamare desh ki shan h beti shichit desh surachit. ...beti bachao beti padhao ....jai hind. ...
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