हंसते रहिये, मुस्कराते रहिये


विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस


हंसते रहिये, मुस्कराते रहिये, जिनसे भी मिलिए उनको भी हसांते रहिये।
गम लाख हो अपने, उनको अपने सीने छुपाते रहिये, मिलते रहिये मुस्कारते रहिये।
चेहरे के रंग होते है ढ़ेर सारे , क्यों न लिखी जाएं इनपर  शायरी और शेर  खूब सारे।
हंसते रहिये, मुस्कराते रहिये, जिनसे भी मिलिए उनको भी हसांते रहिये।
हँसना जरूरी हो जाये,जब हंसी हो आपके साथ, या आपके साथ बितायीं यादें आये याद!
फरियाद  ये मेरी रब से, हंसते हुए बिताया गया लम्हा मेरे यार को याद दिलाते रहिये।
जो चाहें या न चाहें, उनको भी आप टूटकर चाहते  रहिये।
हँसना जरूरी हो जाये,जब हंसी हो आपके साथ, या आपके साथ बितायीं यादें आये याद!
आपकी की मुस्कुराहट रातों की चांदनी बन छायें , हँसतें रहिये, मुस्कुराते रहिये।
कहना है बहुत, सुनना है बाकी, कहते जाइये, सुनाते जाइये, सपने सुहाने दिखाते रहिये।
हँसना जरूरी हो जाये,जब हंसी हो आपके साथ, या आपके साथ बितायीं यादें आये याद!
आपकी की मुस्कुराहट रातों की चांदनी बन छायें , हँसतें रहिये, मुस्कुराते रहिये।
बन न सको दीपक तो, पतंगा बनके उसकी लौ में जलते रहिये,जलते रहिये।
चल न सको किसी के साथ तो, उसकी यादों को हमेशा  संजोते रहिये!
अपनी इत्र सी अदाओं से सबके दिल, मन तक अपनी महक पहुँचाते रहिये।
बन न सको दीपक तो, पतंगा बनके उसकी लौ में जलते रहिये,जलते रहिये।

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