आंखे : अनमोल





विश्व दृष्टि दिवस
आँखे है अनमोल इनसे प्यार कीजिये,
जो कर न सके लबों से,
इनसे वो कारोबार कीजिये।   
जो बसा है इन आँखों मे,
 उसपर अपना सब वार दीजिये।
झुकाकर नज़रे जो आपसे मिलता है,
आप भी उसकी नज़रो पर ऐतबार कीजिये           
आँखे है अनमोल इनसे प्यार कीजिये,
जो कर न सके लबों से इनसे वो कारोबार कीजिये।
नज़र नज़र से क्या मिली,
गुनाह न होके भी,गुनाह  हो गया।
कोई नज़र में है,
कोई नज़रो से ही रूह का हो गया।
जो श्वेत सा था कभी,
आज सियाह हो गया।
नज़र नज़र से क्या मिली,
गुनाह न होके भी,गुनाह हो गया।

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