7 अक्टूबर को जिलाधिकारी (DM) कार्यालय में हुई बैठक में निजी स्कूलों के प्रतिनिधियों समेत बच्चों के अभिभावकों ने हिस्सा लिया था. इसके बाद 15 अक्टूबर से स्कूल खोले जाने के फैसले पर सहमति बनी थी.
लेकिन अब एक नई बात निकल कर सामने आ रही है यदि स्कूल में पढ़ रहें बच्चे कोरोना वायरस से संक्रमित होते हैं तो जिम्मेदारी किसकी होगी. एक स्कूल प्रशासन बच्चों के अभिभावकों को गूगल फॉर्म भरकर सहमति मांग रहें हैं. स्कूल खुलने पर बच्चों के अभिभावकों को लिखित सहमति पत्र भी देना पड़ेगा.
वहीं दूसरी तरफ जिला विद्यालय निरीक्षक ने स्पष्ट रूप से कह दिया है कि यदि कोई स्टूडेंट कोरोनावायरस से संक्रमित होता है तो ऐसे में स्कूल प्रशासन की जवाबदेही . निजी स्कूल अपनी जिम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ सकते हैं.
सुरक्षा व स्वास्थ्य की जिम्मेदारी स्कूल की होगी
स्कूलों के एक संगठन ने मिलकर एक संयुक्त सहमति पत्र तैयार किया है. इसमें लिखा है कि यदि स्टूडेंट्स तो स्कूल प्रशासन की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी. इस पत्र को स्कूल प्रशासन स्टूडेंट्स के पेरेंट्स के पास साइन कराने के लिए भेज रहे हैं. स्कूलों के इस कदम को शिक्षा विभाग गैर जिम्मेदाराना बताते हुए कहा है कि स्कूल परिसर में स्टूडेंट्स की सिक्योरिटी एवं हेल्थ की जिम्मेदारी स्कूल प्रशासन की होगी
स्कूल में covid से निपटने के व्यवस्था का लिया जाएगा जाएगा जायजा
जिला विद्यालय निरीक्षक मुकेश कुमार ने आगे कहा कि स्कूलों में पढ़ाई के दौरान यदि कोई स्टूडेंट संक्रमण से ग्रसित पाया जाता है तो विद्यालय प्रशासन से जवाब मांगा जाएगा तथा यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि कहीं स्कूल में संक्रमण फ़ैल तो नहीं रहा है साथ ही स्कूल में करो ना वायरस रोकने के उपाय क्या है इसकी भी समय-समय पर जांच की जाएगी.

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