बिजलीकर्मी हड़ताल पर, कई जिलों की 6 से 8 घंटे के लिए बत्ती गुल, वार्ता विफल

 



यूपी में बिजली विभाग के निजीकरण के प्रस्ताव के खिलाफ विद्युत कर्मचारी संघर्ष समिति की हड़ताल जारी है. हड़ताल के पहले दिन ही कई जगह बिजली गुल रही. कहीं कहीं तो 6 से आठ घंटे तक बिजली गुल हुई. देर रात पॉवर कॉर्पोरेशन और  विद्युत कर्मचारी संघर्ष समिति के बीच देर रात हुई वार्ता विफल रही.

हड़ताल के दिन कई जगहों पर फाल्ट होने के बाद भी कर्मचारी नहीं पहुंचे. इसके बाद पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जनपदों में कानून व्यवस्था बिगड़ने की भी नौबत आ गई थी.

बीते सोमवार को सुबह से हड़ताल कर रहे विद्युत विभाग के कर्मचारियों/ अधिकारियों से वार्ता करने के लिए ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने पॉवर कॉर्पोरेशन और विद्युत कर्मचारी  संयुक्त संघर्ष समिति की बैठक बुलाई. इस बैठक  ऊर्जा मंत्री ने आश्वासन दिया कि निजीकरण को रोक दिया जाएगा. इसके बाद ऊर्जा मंत्री के आश्वासन से खुश नजर आ रहे इंजीनियर  सीएम ज़िंदाबाद के नारे भी लगाए लेकिन पॉवर कॉर्पोरेशन ने समझौते पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया. बात बनती न देख विद्युत विभाग के कर्मचारियों/ अधिकारियों ने हड़ताल जारी रखने का निर्णय लिया.

ये जिले रहें सबसे ज्यादा प्रभावित

आजमगढ़ जिले में सबसे ज्यादा 12 घंटे विद्युत आपूर्ति बाधित रही.मिर्ज़ापुर जिले का लठिया उपकेंद्र  और चुनार उपकेंद्र लगभग 12 घंटे तक बंद रहा. सूबे की राजधानी लखनऊ  में ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा के आवास की बत्ती भी तकरीबन डेढ़ घंटे तक गुल रही. वाराणसी में शाम होते होते आधा शहर अंधेरे में डूब गया.

अपर मुख्य सचिव, ऊर्जा अरविंद कुमार ने बताया कि कई मुद्दों को लेकर अब भी सहमति नहीं बनी है, इसी कारण वार्ता विफल रही. जल्द ही दो दोबारा कर्मचारियों के साथ बात चीत करके आगे का निर्णय लिया जाएगा. वहीं, बलिया, सुल्तानपुर सहित अन्य जिले भी बिजली संकट से जूझते दिखे.

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