रोड न होने के चलते नहीं पहुंची एंबुलेंस, गर्भवती को 5 किलोमीटर तक खाट की पालकी में लेकर चले पैदल
रायपुर. सरकारें जनता को बेहतर सुविधा मुहैया कराने की बात तो करते हैं लेकिन धरातल परिस्थितियां कुछ और ही होती हैं. छत्तीसगढ़ के जसपुर जिले से स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली के चलते एक गर्भवती महिला को खाट पर लिटा कर अस्पताल ले जाने का मामला सामने आया है. जयपुर जिले के जबला गांव में पक्की सड़क न होने के चलते गांव के लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है.
जयपुर जिले के जबला गांव में गर्भवती महिला को एंबुलेंस ना मिलने के बाद उनके परिजनों को 5 किलोमीटर तक खाट पर बिठाकर अस्पताल के लिए पैदल घर से लेे गए इसके बाद उन्होंने प्राइवेट गाड़ी से गर्भवती को अस्पताल पहुंचाया.
गांव की सड़क जर्जर होने के चलते अक्सर गांव की गर्भवती महिलाओं को अस्पताल ले जाने के लिए खाट की डोली बनाई जाती है जिसे परिजन कंधे पर रखकर गर्भवती महिला को प्रसव के लिए अस्पताल ले जाते हैं.
अनुराग द्वारा नाम की एक शख्स ने गर्भवती को बोली में ले जाने का वीडियो अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर करते हुए लिखा, जशपुर के जबला गांव में राज्य बनने के 20 वर्ष बाद भी सड़क नहीं पहुंच सकी है. ऐसे में सोमवार को एक गर्भवती महिला को खाट पर लेकर परिजन लगभग 5 किलोमीटर तक चले फिर भी एंबुलेंस नहीं मिल पाया बाद में परिजन गाड़ी बुक करके सरकारी अस्पताल पहुंचे."
नीचे दिए लिंक पर क्लिक कर देखें वीडियो
https://twitter.com/Anurag_Dwary/status/1301022714379956224?s=09
आपको बता दें कि या कोई पहली दफा नहीं है. जब भी गांव में कोई गर्भवती को अस्पताल ले जाया जाता है तो इस तरह की दिक्कतें सामने आती रहती हैं. और परिजन खाट पर गर्भवती को लेकर रास्ते में पड़ने वाले नाले समेत तमाम दुश्वारियों को पार करते हुए अस्पताल पहुंचते हैं.


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