फाइट अगेंस्ट कोरोना : फ्लाइट वर्सेज लेफ्ट राईट



आर्टिकल के टाइटल से भले ही माजरा न समझ आए पर हम आपको समझाने का थोड़ा बहुत प्रयास करते हैं.कोराना वायरस जब चीन में अपने पैर पसार रहा था तब से लेकर अब तक भारत के जितने भी नागरिक विदेशों में जॉब, पढ़ाई व अन्य कारणों से रह रहे थे.
भारत सरकार ने  उनको इंडिया वापस लाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी. स्पेशल फ्लाइट चलवाई. अपने ज्यादातर नागरिकों को सरकार इंडिया वापस ला भी चुकी है.

सरकार दिंढोरा भी पीट रही है कि हमने अपने इतने नागरिक अपने वतन सकुशल ले आएं हैं. पर लोकडाउन लगाने के पहले देश के विभिन्न हिस्सों में दिहाड़ी मजदूरी करके गुजर बसर करने वाले आर्थिक रूप से अक्षम गरीब वर्ग के लोगों को उनके घर तक पहुंचाने में सरकार ने कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई .

बस सोशल दिस्टेंसिंग का फरमान सुनाकर पल्ला झाड़ लिया देश के नागरिकों के प्रति अपने कर्तव्यों से. जिसके बाद सरकार के उदासीन रवैए से पूरी तरह परिचित होने के बाद  दूसरे प्रदेशों, दूसरे जिलों मजदूरी के लिए गए लोगों ने पैदल ही घर लौटने लगे.

को ई 200किलोमीटर चलकर घर पहुंचा, तो किसी को घर पहुंचने के लिए अभी भी मीलों सफर तय करना बाकी है. कोई दिनभर का भूखा है तो किसी की प्यास के मारे जान निकल रही है. कुछ लोग खाने पैकेट वगैरह रास्तों पर बांट रहे है. जिससे राहगीरों को कुछ राहत जरूर मिल रही है पर नाकाफी है!



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