हम भूलेंगे नही, हम माफ भी नही करेंगे.


पुलवामा में जिस तरह से आतंकियों ने देश के बहादुर सी आर पी एफ के सैनिकों की बस को निशाना बनाया, जिसमें लगभग 46 जवान शहीद हो गए. आतंकियों द्वारा मानवता के प्रति किया गया  सबसे क्रूर कृत्यों में से एक है, जो कि अक्षम्य है.
इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए चरमपंथी संगठन जैश- ए- मोहम्मद ने बकायदा हमले के पीछे अपना हाथ होना स्वीकार किया है.
हमलावर का स्थानीय नागरिक होना, हमें एक बार के लिए सोचने के लिए मज़बूर करता है, कि महज़ 21 साल का लड़का इस तरह के हमलों को अंजाम देता है तो सोचिये जरा कश्मीर के युवाओं के मन में किस तरह के सपने पलते होंगे.
अलगाववादी नेता किस प्रकार कि राजनीति करते होंगे!
जिन्होंने भारतीय जवानों कि शहादत पर सिर्फ़ खेद जताया.
संयुक्त राष्ट्रसंघ, अमेरिका और भी कई देशों  ने भी पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद, आतंकियो को पनाह देने के लिए पाकिस्तान को जमकर लताड़ लगाई.
उधर पाकिस्तानी मीडिया ने पुलवामा में हुए इस कायराना हमले से खुद को अलग कर लिया है.
पूरा देश इस वक़्त शहीद जवानों की शहादत को नमन कर रहा है. और उनके परिजनों कि बेहतरी के लिए हर हाथ दुआ मांग रहे हैं.
वही इस दुख की घड़ी में सभी राजनीतिक दलों ने भी ऐलान किया कि वे जवानों के परिजनों, सरकार व सेना के साथ हैं. सरकार राष्ट्रहित में जो भी कदम उठाएगी   उनमें वे सहयोग करेंगे.
देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आतंकियों को इस हमले की भारी कीमत चुकानी होगी, और एक बार सबकों आश्वस्त करते हुए कहा कि सेना को पूरी छूट है.
पुलवामा आतंकी हमले में अपने जवानों को खोने के बाद सी आर पी एफ ने भी अपने इरादे ज़ाहिर करते हुए कहा कि "

पुलवामा में जिस तरह से आतंकियों ने देश के बहादुर सी आर पी एफ के सैनिकों की बस को निशाना बनाया, जिसमें लगभग 46 जवान शहीद हो गए. आतंकियों द्वारा मानवता के प्रति किया गया  सबसे क्रूर कृत्यों में से एक है, जो कि अक्षम्य है.
इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए चरमपंथी संगठन जैश- ए- मोहम्मद ने बकायदा हमले के पीछे अपना हाथ होना स्वीकार किया है.
हमलावर का स्थानीय नागरिक होना, हमें एक बार के लिए सोचने के लिए मज़बूर करता है, कि महज़ 21 साल का लड़का इस तरह के हमलों को अंजाम देता है तो सोचिये जरा कश्मीर के युवाओं के मन में किस तरह के सपने पलते होंगे.
अलगाववादी नेता किस प्रकार कि राजनीति करते होंगे!
जिन्होंने भारतीय जवानों कि शहादत पर सिर्फ़ खेद जताया.
संयुक्त राष्ट्रसंघ, अमेरिका और भी कई देशों  ने भी पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद, आतंकियो को पनाह देने के लिए पाकिस्तान को जमकर लताड़ लगाई.
उधर पाकिस्तानी मीडिया ने पुलवामा में हुए इस कायराना हमले से खुद को अलग कर लिया है.
पूरा देश इस वक़्त शहीद जवानों की शहादत को नमन कर रहा है. और उनके परिजनों कि बेहतरी के लिए हर हाथ दुआ मांग रहे हैं.
वही इस दुख की घड़ी में सभी राजनीतिक दलों ने भी ऐलान किया कि वे जवानों के परिजनों, सरकार व सेना के साथ हैं. सरकार राष्ट्रहित में जो भी कदम उठाएगी   उनमें वे सहयोग करेंगे.
देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आतंकियों को इस हमले की भारी कीमत चुकानी होगी, और एक बार सबकों आश्वस्त करते हुए कहा कि सेना को पूरी छूट है.
पुलवामा आतंकी हमले में अपने जवानों को खोने के बाद सी आर पी एफ ने भी अपने इरादे ज़ाहिर करते हुए कहा कि " हम भूलेंगे नही, हम माफ भी नही करेंगे.


















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