हमी इंतज़ार करें, 
हमी सूरज की तपिश झेलें
हमारा फूस का छप्पर
और हमी बारिश झेलें!

तुम्हारे दिल को इज़ाज़त है
खिलौना समझकर मेरे दिल से खेले
वैसे तो रखता हूँ मैं जान हथेली पर
मगर तू अपना समझकर इसे रख ले।

तुम्हारें इश्क़ के मलबे में
हम ज़मीदोज़ हो जायेंगे
तुम बस देखते रहना हमें
और हम खामोश हो जाएंगे।

हमी इंतज़ार करें, 
हमी सूरज की तपिश झेलें
हमारा फूस का छप्पर
और हमी बारिश झेलें!

हर तरफ़ भीड़ है चाहने वालों की
कोई पूछें हम अंदर से हैं कितने अकेले
कोई आकर बैठे पास मेरे
मेरा ग़म न बांटे बस मुझसे सीख ले।


हमी इंतज़ार करें, 
हमी सूरज की तपिश झेलें
हमारा फूस का छप्पर
और हमी बारिश झेलें!