यूपी की चार बार मुख्यमंत्री रहीं मायावती की बहुजन समाज पार्टी को प्रदेश की 7 सीटों पर हुए उपचुनाव में एक भी सीट नहीं नसीब हुई थी. इसके बाद पार्टी को एक तगड़ा झटका तब लगा जब देवरिया की सदर से विधानसभा कैंडिडेट रहे अभयनाथ त्रिपाठी ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया. पार्टी छोड़ने के साथ ही उन्होंने पार्टी के कई नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उपचुनाव में बीएसपी कैंडिडेट का प्रदर्शन बेहद खराब रहा. इस बार बीएसपी को सिर्फ़ 22,069 मत ही मिले.

पार्टी छोड़ने के सवाल पर उन्होंने अपने बयान में कहा कि वे पार्टी की गलत नीतियों के चलते पार्टी से अलग हो रहें हैं. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि बहुजन समाज पार्टी अपने उद्देश्यों से भटक गई है. पार्टी केवल निजी स्वार्थ की पूर्ति व परिवारवाद को बढ़ावा देने के लिए रह गई है. उन्होंने आगे कहा कि वे राजनीति में जनता की सेवा के लिए आए थे और वे आगे भी इस काम को जारी रखेंगे.

आपको बता दे कि बीते 10 नवम्बर को प्रदेश की 7 सीटों पर आए उपचुनाव के नतीजे बीएसपी के प्रतिकूल रहें. सात सीटों में 6 सीटें भाजपा के खाते में गई. जबकि जौनपुर कि मल्हनी विधानसभा की सीट सपा ने जीती. बसपा का इस उपचुनाव ने खाता तक नहीं खुला.