यूपी के हाथरस कांड के बाद चौतरफा सरकार सरकार की आलोचना हो रही है. बीते दिनों योगी सरकार ने मामले से जुड़े पुलिस महकमे के कई पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया था. लेकिन जिलाधिकारी को बख्श दिया था. जिससे आईपीएस एसोसिएशन ने भी नाराजगी जाहिर की थी.

इस बाबत हाथरस मामले को लेकर बीएसपी सुप्रीमोमायावती ने एक ट्वीट करके योगी सरकार को घेरा है.
मायावती ने अपने ट्वीट में लिखा कि,

हाथरस गैंगरेप काण्ड के पीड़ित परिवार ने जिले के डीएम पर धमकाने आदि के कई गंभीर आरोप लगाए हैं, फिर भी यूपी सरकार की रहस्मय चुप्पी दुःखद व अति-चिन्ताजनक। हालाँकि सरकार CBI जाँच हेतु राजी हुई है, किन्तु उस डीएम के वहाँ रहते इस मामले की निष्पक्ष जाँच कैसे होे सकती है? लोग आशंकित।"



गौरतलब है कि हाथरस प्रशासन ने मीडिया को गांव के अंदर जाने की अनुमति दे दी है. बीते दिन कांग्रेस पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी व पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी ने पीड़िता के घर जाकर परिजनों से मुलाकात कर उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिया.

राहुल गांधी ने पीड़ित परिवार से मुलाकात करने के बाद ट्वीट करते हुए लिखा,मैं हाथरस के पीड़ित परिवार से मिला और उनका दर्द समझा। मैंने उन्हें विश्वास दिलाया कि हम इस मुश्किल वक़्त में उनके साथ खड़े हैं और उन्हें न्याय दिलाने में पूरी मदद करेंगे।

UP सरकार चाह कर भी मनमानी नहीं कर पाएगी क्यूँकि अब इस देश की बेटी को इन्साफ़ दिलाने पूरा देश खड़ा है।"



वहीं प्रियंका गांधी ने पीड़िता के परिजनों का हाल जानने के बाद डीएम को निलंबित करने की मांग करते हुए ट्वीट किया,हाथरस के पीड़ित परिवार के प्रश्न:
1. सुप्रीम कोर्ट के जरिए पूरे मामले की  न्यायिक जाँच हो
2. हाथरस DM को सस्पेंड किया जाए और किसी बड़े पद पर नहीं लगाया जाए
3. हमारी बेटी के शव को बगैर हमसे पूछे पेट्रोल से क्यों जलाया गया?
4. हमें बार-बार गुमराह किया, धमकाया क्यों जा रहा है?"



आपको बता दें कि इसके 2 दिन पहले राहुल और प्रियंका को हाथरस जाने के दौरान रास्ते में रोककर गिरफ्तार किया गया था. इस दौरान उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा राहुल गांधी और प्रियंका के साथ बदसुलूकी की भी तस्वीरें सामने आई थी.