गोंडा. उत्तर प्रदेश में रामराज्य का दावा करने वाली योगी सरकार सरकार कानून व्यवस्था के मोर्चे पर लगातार फेल  होती दिखाई दे रही है. सूबे में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं. दिल को झकझोर कर देने वाली दर्दनाक घटना  अब यूपी के जनपद गोंडा से आई है. जहाँ बीते दिन शाम के समय बेख़ौफ़ अपराधियों ने तीन नाबालिग लड़कियों पर तेज़ाब फेंक दिया है. 

एक की हालत गंभीर

बताया ये जा रहा है कि तेज़ाब से हमले का शिकार हुई तीनों सगी बहने हैं. जानकारी ये भी है कि तीनों दलित समुदाय की बच्चियां है. उनके साथ ये हादसा सोने के समय हुआ. वे तीनों बहने अपने घर में सोइ हुई थी ठीक उसी समय किसी अज्ञात ने तीनों पर तेज़ाब डाल  दिया। जिसमे एक गंभीर रूप से घायल हुई जबकि दो बहनों मामूली रूप से तेज़ाब हमले का शिकार बनी हैं। 

अभी तक  हमले के कारणों का पता नहीं लगा पाई पुलिस 

हालाँकि, मामले की तफ्सीस में जुटी पुलिस न तो आरोपियों को दबोच पाई है और न ही तेज़ाब दलित बच्चियों पर अज्ञात द्वारा तेज़ाब डालने के कारणों का पता लगा सकीं है.वहीँ दूसरी तरफ तीनों पीड़ित बहनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है. जहाँ उनका इलाज़ चल रहा है. तीनों की उम्र 18 साल से कम  बताई जा रही है. एक कि उम्र 8, दूसरी की 12 जबकि एक की उम्र 17 साल बताई जा रही है. घटना की जानकारी पाकर  परसपुर थाने की पुलिस  मौके पर पहुंची और मामले की छानबीन में जुट गई है. हालांकि  अभी तक घटना के पीछे के कारणों को पुलिस नहीं तलाश पाई है. जनपद गोंडा के पुलिस अधीक्षक  शैलेश कुमार पांडेय के मुताबिक तेज़ाब हमले की शिकार हुई बच्चियों से पुलिस की टीम पूछताछ कर रही है. वही  आरोपियों को पकड़ने के लिए भी पुलिस जुटी हुई है.