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नई दिल्ली. देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी कांग्रेस वर्तमान में पार्टी के अंदर हो रही अंदरूनी कलह से जूझ रही है. पिछले दिनों पार्टी के स्थाई नेतृत्व को लेकर कांग्रेस के 23 नेताओं द्वारा लिखी गई चिट्ठी के बाद बवाल मचने पर मीडिया में खबरें आग की तरह फैल गई की पार्टी के अंदर सब कुछ अच्छा नहीं चल रहा है. पार्टी के नेतृत्व पर उंगली उठाने वाले नेताओं से राहुल गांधी व प्रियंका गांधी ने भी असहमति जताई थी. जिसके बाद यह तय किया गया कि 6 महीनों के भीतर पार्टी के अध्यक्ष का चुनाव कर लिया जाएगा.


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इसी बीच खबर आई है कि बीते दिन कांग्रेस पार्टी के तेजतर्रार नेता जितिन प्रसाद के खिलाफ लखीमपुर खीरी जिले में कांग्रेस के पूर्व सांसद जफर अली नकवी के समर्थकों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए धौराहरा सीट से पूर्व सांसद जितिन प्रसाद को पार्टी से निष्कासित करने की मांग की. इसके अलावा जितिन प्रसाद पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त होने का भी आरोप लगाया था.

इस पूरे घटनाक्रम पर कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता व वकील कपिल सिब्बल ने ट्वीट करके पार्टी के नेतृत्व को सलाह दी है कि वे आपस में लड़ने की बजाय बीजेपी पर निशाना कपिल सिब्बल ने ट्वीट करते हुए लिखा,दुर्भाग्यपूर्ण है कि यूपी में जितिन प्रसाद को आधिकारिक रूप से निशाना बनाया जा रहा है



कांग्रेस को अपनी ऊर्जा को बर्बाद करने के बजाय सर्जिकल स्ट्राइक के साथ भाजपा पर निशाना साधने की जरूरत है."

आपको बता दें कि बीते दिनों हुई सीडब्ल्यूसी की बैठक में उन सभी 23 नेताओं से कांग्रेस पार्टी के अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कड़ी नाराजगी जाहिर की थी. इन 23 नेताओं चिट्ठी लिखकर मांग की थी कि पार्टी के संगठन और नेतृत्व में बदलाव की आवश्यकता है. इस चिट्ठी में पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद के भी हस्ताक्षर थे. इसी के चलते