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नई दिल्ली. कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच 14 सितंबर से संसद के मानसून सत्र का आगाज होने जा रहा है. इस बार संसद का नजारा बदला बदला सा नजर आएगा. मानसून संसद सत्र 18 दिनों तक चलेेगा. सत्र के दौरान covid-19 प्रोटोकॉल के दिशा निर्देशों का पालन करते हुए संसद की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाया जाएगा. इसके लिए तैयारियां जोर शोर से शुरू हो गई हैं. सत्ता पक्ष के अलावा विपक्ष ने भी संसद सरकार को घेरने की रणनीति पर काम कर रही है.
विपक्ष महंगाई भ्रष्टाचार कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों, देश की खस्ताहाल अर्थव्यवस्था और पड़ोसी देश चीन से हिंसक झड़प में शहीद हुए 20 जवानों के अलावा देश के संस्थानों का निजी करण किए जाने के मुद्दे पर विपक्ष सरकार पर हमलावर रुख अख्तियार कर सकता है.
आपको बता दें कि कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष व वायनाड से सांसद राहुल गांधी इन दिनों बीजेपी सरकार को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ते हैं. राहुल गांधी ने बीते दिनों केंद्र की बीजेपी सरकार को देश की गिरती अर्थव्यवस्था, चीन से गलवान घाटी में हिंसक झड़प में शहीद हुए जवानों, बीते कुछ दिनों पहले अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल में प्रकाशित रिपोर्ट को आधार बनाकर बीजेपी पर आरोप लगाया था कि बीजेपी व्हाट्सएप और फेसबुक को नियंत्रित करती है. राहुल गांधी के इस बयान के बाद भारत की पर राजनीति में काफी हंगामा बरपा था. इन मुद्दों पर विपक्ष केंद्र की बीजेपी सरकार पर हमलावर हो सकती है.
इसके अलावा धारा 370 हटाने के बाद जम्मू कश्मीर के मुद्दे, किसानों की समस्याओं और उच्च शिक्षा में अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति आरक्षण को लेकर भी सरकार से विपक्ष सवाल कर सकता है.

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